शनिवार, सितम्बर 26, 2020
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जन्मदिन विशेष: महिलाओं की सौ मीटर दौड़ की राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक दुती चंद

भारतीय स्टार स्प्रिंटर दुति चंद का जन्म 3 फरवरी 1996 को ओडिशा में हुआ। उन्होंने यूँ तो उन्होंने कई उपलब्धियां अपने नाम की हैं लेकिन उनके कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, मौजूदा राष्ट्रीय रिकॉर्ड उनके नाम हैं। जो उन्होंने बीते साल में नेशनल एथलेटिक्स में अपने नाम किया था।

दुती ने रांची के बिरसा मुंण्डा स्टेडियम में खेले गये 59वें नेशनल ओपन एथलेटिक्स के सौ मीटर दौड़ में अपना ही पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता था। सेमीफाइनल में उन्होंने 11.22 सेकेंड का समय निकालते हुए नेशनल्स में नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 11.26 सेकेंड था, जो उन्होंने पिछले साल अप्रैल में एशियाई चैम्पियनशिप में बनाया था।

गत वर्ष अक्टूबर में आयोजित हुई नेशनल ओपन एथलेटिक्स के फाइनल दौड़ में दुती ने 11.25 सेकेंड का समय निकाला और स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। इस स्पर्धा में तमिलनाडु की अर्चना (11.54 सेकेंड) और रेलवे की हिमाश्री रॉय (11.57 सेकेंड) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं थी। नेशनल में स्वर्ण पदक जीतने के बावजूद दुती चंद टोक्यो ओलंपिक का टिकट हासिल करने में नाकाम रही। गौरतलब है कि ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए 11.15 सेकंड का समय निर्धारित है और दुती ने 100 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में 11.22 सेकंड का समय निकाला। इससे पहले दुति ने दोहा में खेली गई विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में निराशाजनक प्रदर्शन किया था और वह इस प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धा के सेमीफाइनल में भी पहुंचने में असफल रही थी। अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ने के बाद निश्चित ही उनका आत्मविश्वास बड़ा होगा।

दुति चंद

निश्चित ही दुति का अगला लक्ष्य आगामी टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल करना होगा। इसके लिए वह कड़ी तैयारियां भी कर रही हैं। दुती के सामने अगली चुनौती चीन में होने वाली एशियाई इंडोर चैम्पियनशिप होगी, जहां वह इस महीने फरवरी में हिस्सा लेंगी। उसके बाद चीन में ही मार्च में होने वाली वर्ल्ड इंडोर्स में हिस्सा लेंगी। ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को तोड़ना होगा। उनकी मौजूदा तैयारियों के को देखते हुए उनसे यह अपेक्षाएं की जा सकती हैं।

दुति ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए विदेशों में ट्रेनिंग की योजना बना रही थी। उन्होंने इस बारे में पिछले साल अक्टूबर में ‘मेल टुडे‘ को बताया था, “मैं पटियाला में नेशनल कैम्प में हिस्सा नहीं लूंगी। आगामी ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए मुझे अपनी तकनीक में सुधार करना है जिसके लिए मुझे पर्सनल कोच की जरूरत है। में भुबनेश्वर में ही अपने कोच (रमेश) के साथ ट्रेनिंग करूंगी और इसके अलावा विदेश में भी ट्रेनिंग की योजना बना रही हूं।”