शुक्रवार, सितम्बर 25, 2020
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चार बार डोप टेस्ट में फेल होने के बाद चार साल के लिए बैन हुईं गोला फेंक एथलीट मनप्रीत कौर

एशियाई चैंपियन गोला फेंक एथलीट मनप्रीत कौर को चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। मनप्रीत पर यह प्रतिबंध साल 2017 में चार बार डोप टेस्ट में फेल होने के बाद लगाया गया है। मनप्रीत पर लगा यह प्रतिबंध 20 जुलाई 2017 से शुरू होगा। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने 29 मार्च की तारीख के अपने आदेश में इसकी पुष्टि की।

PTI के मुताबिक इस बारे में सवाल करने पर नाडा के डायरेक्टर नवीन अग्रवाल ने कहा, ‘हां, मनप्रीत को चार साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।’ हालांकि इस सजा के खिलाफ मनप्रीत डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल के पास अपील कर सकती हैं। अगर अपील के बाद भी फैसला ना पलटा तो मनप्रीत साल 2017 में भुवनेश्वर में हुई एशियाई चैंपियनशिप में जीते गोल्ड मेडल के साथ नेशनल रिकॉर्ड भी गंवा देंगी।

मनप्रीत ने यह रिकॉर्ड शिन्हुआ में हुई एशियन ग्रैंड प्रिक्स में 18.86 मीटर तक गोला फेंककर बनाया था। गौरतलब है कि पैनल ने अपने फैसले में साफ किया है कि मनप्रीत पर लगा प्रतिबंध सैंपल लिए जाने के दिन से ही लागू होगा।

आपको बता दें कि मनप्रीत को साल 2017 में चार बार डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था। सबसे पहले वह 24 अप्रैल को चाइना के शिन्हुआ में हुई एशियन ग्रैंड प्रिक्स, उसके बाद 1 जून को पटियाला में हुए फेडरेशन कप, 6 जुलाई को भुवनेश्वर में हुई एशियन एथलेटिक चैंपियनशिप और फिर 16 जुलाई को गुंटूर में हुई अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में हुए डोप टेस्ट में फेल हुई थीं।

शिन्हुआ में मनप्रीत के नमूने में स्टेरॉयड मिलने के मामले में उनके वकील ने सफाई दी थी कि पटियाला में प्रशिक्षण के दौरान एक खिलाड़ी ने बदले की भावना से उनके पेय पदार्थ में कथित तौर पर कुछ मिला दिया था। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2017 में गोपाल नामक एक कबड्डी खिलाड़ी से उनकी बहस हुई थी जिसके बाद गोपाल ने बदला लेने की नीयत से उनके पेय पदार्थ में कुछ मिला दिया था।

मनप्रीत ने सफाई देते हुए कहा, ‘मैंने जानबूझकर स्टेरॉयड का सेवन नहीं किया। यह बदले की भावना से की गयी कार्रवाई हो सकती है।’ उनकी इस दलील से असंतुष्ट पैनल ने इसे कमजोर बताकर खारिज कर दिया।

मंगलवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले दो महीनों में ही डोप टेस्ट के 57 रिजल्ट पॉजिटिव आ चुके हैं। जानने लायक है कि यह कुल 1599 टेस्ट का 3.6 प्रतिशत है। साल 2018 में यह आंकड़ा 1.8 प्रतिशत था।