मंगलवार, सितम्बर 22, 2020
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एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप : स्वप्ना के रजत के साथ भारत को तीसरे दिन तीन पदक

23वी एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2019 के तीसरे दिन भारतीय महिला खिलाड़ियों का दबदबा रहा। भारत ने तीसरे दिन 2 रजत और 1 कांस्य पदक के साथ अपनी पदको की संख्या 13 कर ली है।

 कल हेप्टाथलन के 4 इवेंट पुरे हो जाने के बाद तीसरे स्थान पर रही स्वप्ना बर्मन को बचे हुए 3 इवेंट्स में बहुत मशक्कत करनी पड़ी। लॉन्ग जम्प में 6.01 मीटर की कूद के साथ सर्वाधिक अंक बटोरते हुए अपना कुल स्कोर 4374 कर लिया, पांच इवेंट्स पुरे होने के बाद स्वप्ना दूसरे स्थान पर काबिज चीन की वांग किंगलिंग से सिर्फ एक अंक पीछे थी। जेवलिन थ्रो के बाद स्वप्ना 5173 अंको के साथ दूसरे स्थान पर आ गयी थी, लेकिन टॉप पे चल रही उज़्बेकिस्तान की एकातेरिना वॉर्निना (5309) से वह काफी पीछे थी । अंतिम इवेंट यानि की 800 मीटर के बाद स्वप्ना ने 5993 (सीजन बेस्ट) अंको के साथ दूसरे स्थान पर रही और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। प्रतियोगिता का स्वर्ण एकातेरिना वॉर्निना ने 6198 अंको के साथ हासिल किया। भारत की ही पूर्णिमा हेम्ब्रम 5528 अंको के साथ पाचवे स्थान पर रही। 2017 एशियाई चैंपियनशिप में स्वप्ना ने इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था।

 इसी बीच महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपल चेस रेस में पारुल चौधरी ने अपना पर्सनल बेस्ट टाइम निकलते हुए 10:03.43 सेकंड में रेस पूरी करते हुए पाचवे स्थान पर रही।

 महिलाओं की 200 मीटर में दुती चंद ने फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है उन्होंने सेमीफाइनल हिट 23.33 सेकण्ड्स में जीतकर फाइनल में जगह बनायीं।

 पुरुषो की 1500 मीटर रेस में अजय कुमार सरोज ने क्वालीफाइंग हिट में 3:49.20 सेकण्ड्स में जीतकर दूसरे स्थान पे रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। 800 मीटर फाइनल के दौरान चोटिल हुए जिनसन जॉनसन को इस रेस से बहार होना पड़ा। जिनसन की चोट के बारे में अधिक बताते हुए डिप्टी चीफ कोच, राधाकृष्णन नायर ने कहा कि “उन्हें अभी भी काफ मसल में दर्द है, डॉक्टर ने उन्हें ऐसी हालत में किसी भी स्थिति में भाग लेने से मना किया है ।”

 महिलाओ की 4 गुना 100 मीटर फाइनल में भारतीय दल 43.81 सेकण्ड्स के अपने सीजन बेस्ट टाइमिंग के साथ चौथे स्थान पर रहा। सुस्सिन्त्रा, वीरमणि, कुन्नथ और दुती की चौकड़ी ने यह समय निकला। टीम के पास पदक जितने का एक मौका था, लेकिन चौथी बैटन पास के दौरान हुयी थोड़ी सी देरी कि वजह से भारत पदक जितने से चूक गया। भारतीय महिलाओं का यह प्रदर्शन बहुत ही सराहनीय है क्योकि इस दल चयन मार्च में हुए फेडरेशन कप के तुरंत बाद किया गया था, तैयारी करने की दृष्टि से भारतीय दल के पास ज़्यादा समय भी नहीं था।

चित्र : एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया

 मिश्रित 4 गुना 400 मीटर फाइनल में मुहम्मद अनस, एम आर पूवम्मा, वी के विस्मया और अरोकिया राजीव कि टीम ने रजत पदक हासिल किया, भारतीय टीम ने 3:16.47 सेकण्ड्स के साथ रेस पूरी करते हुए यह पदक जीता, बहरीन ने 3:15.75 सेकण्ड्स की टाइमिंग के साथ स्वर्ण पदक जीता। चौथी बैटन पास करने में हुयी देरी का आसान भारत की टाइमिंग पर भी हुआ । अनस ने अपनी लैप 45.77 सेकण्ड्स, पूवम्मा ने 52.31 सेकण्ड्स, विस्मया ने 52.67 सेकण्ड्स और अरोकिया ने 45.74 सेकण्ड्स में पूरी की। हिमा दास चोट की वजह से टीम में शामिल नहीं की गयी।

 दिन का आखिरी पदक देश को महिलाओ की 10000 मीटर रेस में मिला। संजीवनी जाधव ने पर्सनल बेस्ट टाइमिंग 32:44.96 सेकण्ड्स के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

 भारत अभी पदक तालिका में चौथे स्थान पर है, बहरीन 14 पदको (7 स्वर्ण, 5 रजत, 2 कांस्य) के साथ फिर से शीर्ष पे आ चूका है। चीन 21 पदको (6 स्वर्ण, 9 रजत और 6 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर है। तीसरे दिन उज़्बेकिस्तान भारत को हटाकर 3 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है।